Super Deluxe Movie | Full Story & Ending Explained In Hindi

Hello friends welcome to MoviesFunter.Com. हम आपके लिए लेकर आये है Super Deluxe Movie Explanation, जिसमे हम आपको इस फिल्म की पूरी कहानी और Ending आसान शब्दों में समझायेंगे| समझने के बाद फिल्म देखने का मन करे तो आप उसको Netflix पर देख सकते हो, Hindi Dubbing तो नहीं मिलेगी, लेकिन Hindi Subtitles जरूर मिल जाएंगे|

Super Deluxe Movie | Full Story & Ending Explained In Hindi

आप जानते हो Indian सिनेमा की सबसे बड़ी कमजोरी क्या है?, एक भाषा की दूसरी भाषा में release ना होना| अब इसके पीछे काफी सारे reasons हो सकते हैं| इसमें सबसे बड़ा नुकसान हमजैसी Audience का होता है, जो Language Difference की वजह से अच्छी खासी Masterpiece फिल्मो से हाथ धो बैठते हैं| तो हमने सोचा, क्यों ना इस कमजोरी को थोड़ा सा भर दिया जाए और अपने शब्दों की मदद से आपको इस masterpieceफिल्मों के दर्शन कराए जाएँ| भले ही आप इन फिल्मों को theater में देखने का मौका आप चूक गए हों लेकिन इस article को पढ़ने के बाद आप फिल्म में PHD कर लेंगे|

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इस बार फ्लिम में सिर्फ एक कहानी नहीं बल्कि चार अलग-अलग कहानी को दिखाने की कोशिश की गई है, हम बारी-बारी आपको चारों कहानियां समझादेंगे और फिर end में यह कहानियां आपस में कैसे जुड़ी हुई है, उसके पीछे का secret भी पूरी तरह खोल देंगे|

Super Deluxe Movie Full Story:

पहली कहानी है मानिकम नाम के एक अतरंगी से इंसान की, जो 7 साल पहले शादी के बाद घर छोड़कर भाग गए थे और वापस transgender बन कर लोंटे हैं, यानी यह आदमी से बदल कर औरत बन गए हैं, और अपना नाम भी उन्होंने शिल्पा रख लियां है|

इस कहानी का दूसरा character है रसूकुट्टी नाम का एक छोटा सा बच्चा, जो रिश्ते में मानिकम का बेटा लगता है, और कई सालों के इंतजार के बाद पहली बार अपने पिता से मुलाकात करने वाला है| रिश्तेदारों से लेकर पूरी दुनिया शिल्पा को काफी भला-बुरा सुनाती है, और गंदी नज़रों से देखने लगती है| लेकिन शिल्पा का बेटा उसको बिना judge किए हुए जैसे का तैसा अपना लेता है , और अपने दोस्तों से मिलवाने स्कूल ले जाता है|

कहानी में twist आता है जब रास्ते में शक की वजह से शिल्पा को पकड़ लिया जाता है, और Police Station में बंद कर दिया जाता है| तब entry होती है बर्लिन नाम के एक corrupt पुलिस ऑफिसर की, जो जबरदस्ती शिल्पा को assault करता है और धमकी देने के बाद पुलिस स्टेशन से भगा देता है|

दूसरी तरफ school में पढ़ने वाले बच्चों से लेकर, उनके parents शिल्पा को बुरा-भला कह कर वहां से भगा देते हैं| जिसकी वजह से वह वापस मुंबई जाने का फैसला करती है, और टिकट बुक करा लेती है| तब अचानक से रात को रसूकुट्टी गायब हो जाता है, और से मदद मांगने के लिए शिल्पा सीधा पुलिस के पास जाती है| लेकिन बर्लिन एक बार फिर से उसका फायदा उठाने की कोशिश करता है, जिसके बदले में शिल्पा उसको मौत की बद्दुआ देती है|

टूटे दिल के साथ जब शिल्पा घर वापस लौटती है तो, रसूकुट्टी को वहा पहले से देख कर चौक जाती है, जो उसके मुंबई जाने के फैसले से नाराज होकर घर वापस लौट गया था, और खुद को कमरे में बंद कर लेता है|

Last में शिल्पा पूरी दुनिया को पीछे छोड़कर अपने बेटे को चुनती है, और उसके साथ रहने का फैसला करती है| उसकी पत्नी भी उसको हर तरीके अपनाने के लिए तैयार हो जाती है, और कहानी का happy ending हो जाती है|

दूसरी कहानी है पांच दोस्तों के बारे में जो school की छुट्टी मार कर फिल्म देखने का plan बनाते हैं, लेकिन कहानी में twist आता है जब TV पर उन लड़कों में से एक सूरी की mother उस फिल्म की actor निकलती है, जिसकी वजह से वह TV फोड़ देता है और अपने घर भाग जाता है| बचे हुए दोस्त मिलकर एक नया TV खरीदने का plan बनाते हैं, जिसकी वजह से वह लोकल डॉन के पास पहुंच जाते हैं, जो उनको किसी दूसरे इंसान की जान लेने के mission पर भेज देता है| बेचारे लड़के mission में बुरी तरह fail हो जाते हैं, जिसके बदले में डॉन के लाथ-घुसे के साथ गालियां भी सुननी पड़ती है| इसी भागदौड़ में डॉन का TV भी टूट जाता है|

अब दो नई TV खरीदने पड़ेंगे, लेकिन जेब में एक पैसा भी नहीं है| तब यह दोबारा एक नया Plan तैयार करते हैं और एक दुकान चलाने वाले सेठ के घर चोरी करने पहुंच जाते हैं| पैसे तो मिल जाते हैं, लेकिन दिक्कत सिर्फ एक है की नोट demonetize हो चुके हैं और अब इनकी कीमत मनो शुन्य हो चुकी है| गलती सुधारने के लिए जब सभी वापस सेठ के घर में घुसते हैं तो इनकी मुलाकात होती है एक सुंदर लड़की से, जिसके पास जादुई power है और अपने कपड़े उतार कर वह खुद के alien होने का सबूत भी देती है|

कहानी में twist आता है जब alien लड़की बताती है कि, दुकान चलाने वाला सेठ उसका साथी था| जिसकी अब मौत हो चुकी है और अब नए साथी की तलाश कर रही है, जिसके लिए वह उन लड़कों में से ‘बालाजी‘ नाम के लड़के को पसंद कर लेती है| इसके बदले में वह बालाजी का एक clone तैयार करती है, जो बाकी लड़कों के साथ चला जाता है और बदलें में उनको खूब सारे पैसे भी मिल जाते हैं|  जिनसे वह नया TV खरीद लेते हैं और अपनी problems से छुटकारा भी पा लेते हैं और पुराने TV को हवा में ऊँछाल कर फेंक देते हैं|

तीसरी कहानी है अरपुथम नाम के priest के बारे में जो सुनामी के तूफ़ान में सिर्फ एक पत्थर को पकड़ कर जिंदा बच गए थे, जिसमें बाकी सभी लोगों को जान से हाथ धोना पड़ा था| तब से उनका मानना है, कि भगवान के लिए वह काफी special है और खुद उसने इनको जीने का दूसरा मौका दिया है| 

कहानी में twist आता हैं जब priest को खबर लगती है, कि उनका बेटा हॉस्पिटल में admit हो चुका है और जिंदगी और मौत के बीच में फंसा हुआ है| डॉक्टर या फिर भगवान किसी एक मैं से चुनना पड़ेगा, जिसमें यह भगवान का सहारा लेने का मन बनाते हैं| अपने बेटे को हॉस्पिटल से निकालकर यह भगवान के सामने रख देते हैं और अपनी प्रार्थना की मदद से उसको मौत से बाहर खींचने की कोशिश करते हैं| पूरी दुनिया इसको पागलपन समझती है लेकिन priest को विश्वास है, कि वह भगवान के लिए काफी स्पेशल है और सुनामी की तरह एक बार फिर से वह उसके बेटे को जीने का दूसरा मौका जरूर देंगे| लेकिन धीरे-धीरे time गुजरने लगता है और लड़के की हालत खराब होने लगती है जिसकी वजह से उसको दोबारा डॉक्टर के पास admit करना पड़ता है| जिंदगी तो बचायी जा सकती है लेकिन इलाज काफी महंगा है, और priest के पास पैसों के नाम पर कुछ खास नहीं है|

उसी दिन अचानक रास्ते में अरपुथम की मुलाकात एक दूसरे इंसान से होती है जिससे बात करके पता चलता है, कि वह भी सुनामी के तूफान में जिंदा बच गया था और वह अकेले नहीं है और शायद स्पेशल भी नहीं है| इन सब दिकत्तों में फंस कर धीरे-धीरे और अरपुथम का भगवान पर भरोसा डगमगाने लगता है और गुस्से में आकर वह भगवान की मूर्ति को जमीन पर पटक देता है| बस यहां से जादू की शुरुआत होती है, क्योंकि मूर्ति के अंदर से बेशकीमती हीरे बाहर निकल पड़ते हैं, जिनका connection तूफान में डूब चुके एक जहाज के साथ जुड़ा हुआ है|हीरों का इस्तेमाल करके अरपुथम अपने बेटे का इलाज करा लेते हैं और भगवान से जुड़े हुए सभी सवालों के जवाब भी धीरे-धीरे उनके सामने आ जाते हैं|

चौथी कहानी जुड़ी हुई है वायंबु और मुगिल के साथ, जो नई-नई शादी के बाद अचानक से एक murder का हिस्सा बन जाते हैं| दरअसल वायंबु अपने कॉलेज टाइम lover से मिलने का प्लान करती हैं और दोनों एक-दूसरे के काफी नजदीक आ जाते हैं| लेकिन कहानी में twist आता है, जब x-lover प्यार करते-करते बीच में ही दुनिया से निपट लेते हैं और मुगिल भी अचानक से घर आ जाते हैं| अब सबसे बड़ा चैलेंज है, एक दूसरे से नफरत करने के बावजूद वायंबु और मुगिल को एक साथ मिलकर उस dead body को ठिकाने लगाना पड़ेगा, वरना ये दोनों हमेशा के लिए jail में कैद हो जाएंगे| काफी सारे तरीके सोचने के बाद यह finally, बॉडी को ट्रेन की पटरी पर फेंकने का मन बनाते हैं, लेकिन रास्ते में इनकी गाड़ी पर पुलिस वाले की नजर पड़ जाती है, जो गाड़ी का पीछा करके पूरे मामले को समझ जाता है| बस यहां से कहानी में blackmail वाला खेल शुरू हो जाता है तो पुलिस ऑफिसर वायंबु को अपने मन से उसके साथ सोने के लिए मजबूर करता है, जिसके बदले में वह murder case को दबाने का वादा करता है| दरअसल यह पुलिस कोई और नहीं ऑफिसर बर्लिन है, जिसने शिल्पा को भी assault किया था और मजबूरी का फायदा उठा कर यह मासूम लड़कियों की इज्जत से खिलवाड़ करता है|

काफी सोचने के बाद वायंबु पुलिस अफसर बर्लिन की शर्त को मानने से इनकार कर देती है लेकिन बंदूक के दम पर वह उसके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश करता है, लेकिन ठीक तभी एक भारी TV उसके सर पर आकर टकरा जाता है, जिससे बर्लिन की मौत हो जाती है| वायंबु और मुगिल ब्लैकमेल वाले खेल से आग सो जाते हैं और X -लवर के साथ-साथ बर्लिन की बॉडी को भी ठिकाने लगा कर एक नई जिंदगी की शुरुआत करते हैं|

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Super Deluxe Movie Ending Explained:

देखो चारों कहानियां यहां पर आकर खत्म हो जाती है लेकिन ending में छुपा हुआ secret अभी बाकी है|

दरसल पहली कहानी में शिल्पा, बर्लिन को मौत की बद्दुआ देती है और transgender की बद्दुआ को काफी खतरनाक माना जाता है| दूसरी कहानी में सूरी जिसको TV पर देखता है, वह उसकी माँ लीला है, जो तीसरी कहानी वाले priest की पत्नी है| गुस्से में सूरी, लीला को जान से मारने निकलता है, लेकिन सीढ़ियों सें फिसल कर चोटिल हो जाता है, जिसको हॉस्पिटल में admit करना पड़ता है| इस हादसे की वजह से priest के मन में भगवान को लेकर सवाल पैदा होते हैं और जिस दूसरे इंसान से वह टकराते हैं, वह कोई और नहीं शिल्पा ही हैं, जो सुनामी में, तूफान में फंस कर जिंदा बच गयी थी| और सबसे बड़ा twist , जो टीवी बर्लिन के ऊपर अचानक से गिरता है वह कोई और नहीं, वही TV है जिसको नया TV खरीदने के बाद वह चारों लड़के नीचे फेंक देते हैं, जो शिल्पा की बद्दुआ को सच कर देता है|

अब सबसे बड़ा सवाल आपके मन में होगा कि, यह सब तो ठीक है लेकिन इस कहानी का असली meaning आखिर है क्या? Director साहब क्या बताना चाहते हैं? इसका जवाब थोड़ा टेढ़ा जरूर है, लेकिन मजेदार है|

फिल्म का सिर्फ एक ही मकसद है, इस दुनिया की reality को हमारे सामने लाना| फिर चाहे वह कोई इंसान हो, भगवान हो, या फिर एलियन ही क्यों ना हो, पूरा universe एक धागे में बना हुआ है|

जरूरी नहीं है की हम बाकी पूरी दुनिया के बारे में समझते हो, या फिर हर किसी को नाम से जानते हो| लेकिन अगर वह exist करता है, तो कहीं ना कहीं आपकी जिंदगी उसके साथ बंधी हुई है|

Science की भाषा में वोले तो, पूरी दुनिया एक cell से बनी है, जो बाद में अनगिनत हिस्सों में बँटकर दूर-दूर फैल गया है| लेकिन कितना भी दूर क्यों ना हो एक cell हमेशा दूसरे cell से जुड़ा होता है|

आसान शब्दों में बोले तो, आप अपनी जिंदगी को कितना भी कठिन या फिर आसान बना सकते हो लेकिन, अगले पल क्या होने वाला है? वह पहले से लिखा हुआ है| उस को बदलने की कोशिश बेकार है, इसलिए हंसते रहिए मुस्कुराते रहिए और life को Super Deluxe बनाइए|

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